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दरभंगा ज्वेलरी लूट के बाद बेगूसराय में STF का बड़ा एक्शन, मुठभेड़ में एक घायल, चार दबोचे
- Reporter 12
- 05 Apr, 2026
दरभंगा में करोड़ों की ज्वेलरी लूट के बाद बिहार STF और पुलिस ने बेगूसराय में बड़ी कार्रवाई की है। मंसूरचक इलाके में बदमाशों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें एक आरोपी घायल हुआ जबकि चार संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया। फरार अपराधियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी है।
बेगूसराय आलम की खबर:बेगूसराय/दरभंगा: बिहार में अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच शनिवार को बेगूसराय में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। यह कार्रवाई दरभंगा में एक दिन पहले हुई बड़ी ज्वेलरी लूट की वारदात के बाद की गई, जिसमें करोड़ों रुपये के कैश और गहनों पर हाथ साफ किया गया था। इस हाई-प्रोफाइल लूटकांड के बाद बिहार STF और जिला पुलिस लगातार अपराधियों के पीछे लगी हुई थी। इसी क्रम में बेगूसराय के मंसूरचक थाना क्षेत्र में छिपे बदमाशों की सूचना मिलते ही पुलिस ने छापेमारी की, लेकिन टीम को देखते ही अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पूरा इलाका गोलियों की आवाज से गूंज उठा और पुलिस को भी जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।
मुठभेड़ की शुरुआत होते ही हालात तेजी से बिगड़ गए और देखते ही देखते यह कार्रवाई बड़े सर्च ऑपरेशन में बदल गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दरभंगा लूटकांड से जुड़े कुछ अपराधी बेगूसराय के नारायण चौक के आसपास छिपे हुए थे। जैसे ही STF और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके में दबिश दी, बदमाशों ने खुद को घिरता देख ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी संयम के साथ लेकिन मजबूती से जवाब दिया। कई राउंड फायरिंग के बीच इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग दहशत में आ गए।
बताया जा रहा है कि इस मुठभेड़ में एक बदमाश गोली लगने से घायल हो गया, जबकि चार संदिग्धों को पुलिस ने दबोच लिया है। गिरफ्तार किए गए लोगों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे गैंग के नेटवर्क, लूट की योजना और फरार साथियों के ठिकानों के बारे में अहम सुराग जुटाए जा सकें। पुलिस को उम्मीद है कि इन गिरफ्तारियों के बाद दरभंगा ज्वेलरी लूटकांड की कई परतें खुल सकती हैं। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका, उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि और लूट में उनकी सीधी भागीदारी को लेकर जांच तेज कर दी गई है।दरअसल, दरभंगा में हुई ज्वेलरी लूट ने पुलिस महकमे को पहले ही अलर्ट मोड में ला दिया था। प्रेम ज्वेलर्स में हुई इस बड़ी वारदात में अपराधियों ने कैश और कीमती गहनों समेत दो करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति लूट ली थी। घटना के बाद से ही पुलिस कई जिलों में एक साथ दबिश दे रही थी। CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन, मुखबिरों की सूचना और पुराने आपराधिक नेटवर्क के आधार पर संदिग्धों की पहचान और लोकेशन ट्रैक की जा रही थी। इसी जांच के दौरान बेगूसराय में कुछ संदिग्धों के छिपे होने की जानकारी मिली, जिसके बाद STF ने बिना समय गंवाए ऑपरेशन शुरू कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, लूट के बाद बदमाश एक साथ नहीं रहे, बल्कि वे अलग-अलग दिशाओं में बंटकर भागे और ग्रामीण इलाकों में छिपने की कोशिश करने लगे। पुलिस को यह भी इनपुट मिला कि कुछ आरोपी खेतों, सुनसान मकानों और गांव के बाहरी हिस्सों में पनाह लेकर बैठे हैं। इसी कारण मंसूरचक और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन को और व्यापक किया गया। बताया जा रहा है कि कुछ संदिग्धों ने खेतों और घरों के पीछे की आड़ लेकर पुलिस पर हमला किया, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही बेगूसराय के पुलिस अधीक्षक मनीष भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने पूरी कार्रवाई की निगरानी की। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में इलाके की घेराबंदी और तलाशी अभियान को तेज किया गया। पुलिस ने स्थानीय थानों की अतिरिक्त फोर्स, STF और अन्य सुरक्षा इकाइयों को मौके पर तैनात कर पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया। मुठभेड़ के बाद भी ऑपरेशन कई घंटों तक जारी रहा, क्योंकि पुलिस को आशंका थी कि गिरोह के कुछ और सदस्य आसपास के गांवों या खेतों में छिपे हो सकते हैं।
पुलिस की जांच अब सिर्फ मुठभेड़ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे गिरोह की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। अधिकारियों को शक है कि यह वारदात किसी सामान्य अपराधी गिरोह की नहीं, बल्कि एक संगठित और पहले से सक्रिय नेटवर्क की करतूत हो सकती है। जिस तरह से अपराधियों ने लूट को अंजाम दिया, उसके बाद अलग-अलग जिलों में जाकर छिपने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग करने का दुस्साहस दिखाया, उससे यह साफ है कि गिरोह के सदस्य पेशेवर और खतरनाक प्रवृत्ति के हो सकते हैं।
दशरथपुर और आसपास के कुछ अन्य इलाकों में भी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने वहां भी सतर्कता बढ़ा दी है। ग्रामीण इलाकों में पुलिस की आवाजाही बढ़ गई है और कई स्थानों पर चौकसी कड़ी कर दी गई है। बताया जा रहा है कि स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बदमाशों को कहीं स्थानीय मदद तो नहीं मिली। ऐसे मामलों में अक्सर अपराधी भागने और छिपने के लिए लोकल नेटवर्क का सहारा लेते हैं, इसलिए पुलिस इस एंगल पर भी गंभीरता से काम कर रही है।
इस घटना ने एक बार फिर बिहार में संगठित अपराध और पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया दोनों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। एक तरफ अपराधियों ने बड़ी लूट की वारदात को अंजाम देकर कानून-व्यवस्था को चुनौती दी, तो दूसरी तरफ STF और जिला पुलिस ने तेजी दिखाते हुए कम समय में संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश की। हालांकि यह भी सच है कि अपराधियों का पुलिस पर फायरिंग करना इस बात का संकेत है कि वे गिरफ्तारी से बचने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार थे।
स्थानीय लोगों के लिए यह पूरा घटनाक्रम बेहद डरावना रहा। सुबह के समय शुरू हुई गोलियों की आवाज से गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बन गया। लोग घरों में दुबक गए और कई जगहों पर सामान्य गतिविधियां थम गईं। हालांकि पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के लिए तेजी से मोर्चा संभाला और इलाके को सुरक्षित बनाने की कोशिश की। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत सूचना देने की अपील भी की है।
फिलहाल पुलिस का पूरा फोकस फरार अपराधियों को पकड़ने, लूट के माल की बरामदगी और पूरे गिरोह के नेटवर्क को तोड़ने पर है। गिरफ्तार चार संदिग्धों से पूछताछ के बाद कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह का संबंध राज्य के बाहर के किसी नेटवर्क से तो नहीं है, या फिर यह बिहार के अंदर सक्रिय किसी पुराने आपराधिक मॉड्यूल का हिस्सा है।
कुल मिलाकर, दरभंगा ज्वेलरी लूट के बाद बेगूसराय में हुई यह मुठभेड़ बिहार पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती और अहम कार्रवाई दोनों बन गई है। एक तरफ अपराधियों की दुस्साहसी गतिविधि ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, तो दूसरी ओर पुलिस की तेज कार्रवाई ने यह संकेत दिया है कि इस मामले को जल्द से जल्द तार्किक अंजाम तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। आने वाले घंटों और दिनों में इस पूरे मामले में और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं, क्योंकि जांच एजेंसियां अब पूरे गिरोह की कमर तोड़ने की तैयारी में हैं।
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